चोंटिमुल्ला के सरकारी गर्ल्स प्राइमरी स्कूल में करीब 200 छात्राएं सिर्फ चार शिक्षकों और दो कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल में पर्याप्त कमरे, शौचालय और परिसर की बाड़ जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से पढ़ाई और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।