सरकार द्वारा धान की सरकारी खरीद का लक्ष्य पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत घटाने से किसानों में नाराजगी है। भारी बारिश से फसल को हुए नुकसान और अभी 70 से 75 प्रतिशत धान खेतों में खड़ा होने के कारण किसानों के सामने अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने का संकट गहरा गया है।