मध्य प्रदेश के धर्मनगरी उज्जैन में इन दिनों 'खड़े हनुमान' की प्रतिमा चर्चा का केंद्र बनी हुई है। दावा किया जा रहा है कि, 'खड़े हनुमान' जी की प्रतिमा को हटाने की कोशिश में जेसीबी और क्रेन तक लगाए गए, लेकिन मूर्ति टस से मस नहीं हुई। अब इस रहस्य का पता लगाने के लिए IIT की टीम मैदान में उतरेगी। टीम मूर्ति की स्कैनिंग कर ये पता लगाएगी कि आखिर ये प्रतिमा जमीन के अंदर कितनी गहराई तक धंसी हुई है। स्कैनिंग रिपोर्ट के बाद ही प्रशासन तय करेगा कि प्रतिमा को हटाया जाए या फिर यथास्थान रखा जाए।
इस बीच उज्जैन के SDM एल.एन. गर्ग ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, "सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्य ज़रूरी हैं, लेकिन उज्जैन की आस्था और विरासत को बचाना भी उतना ही अहम है। प्रशासन श्रद्धालुओं और विशेषज्ञों के साथ बातचीत करके आम सहमति से समाधान निकालने की कोशिश करेगा।"