मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने 21 सितंबर को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी तेज आंधी के साथ भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों के कुछ इलाकों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वालों को स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखने को कहा गया है।
तेज हवाओं के कारण कमजोर और बड़े पेड़ों के गिरने, बिजली के खंभों तथा अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। वहीं, भारी बारिश और तेज हवाओं का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान होने की संभावना है। किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी मौसम संबंधी चेतावनी महत्वपूर्ण है और उन्हें प्रतिकूल परिस्थितियों में समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी जाती है। मौसम में इस बदलाव के बीच दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है, जिससे तापमान में भी बदलाव संभव है। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान देखना चाहिए। खासकर पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को बारिश, तेज हवाओं और संभावित भूस्खलन को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनानी चाहिए। किसानों को भी खेतों में जलभराव और तेज हवाओं से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। कुल मिलाकर 21 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना के बीच लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों का पालन करना चाहिए।