देशभर में मानसूनी गतिविधियां अभी भी सक्रिय बनी हुई हैं और 15 सितंबर 2026 को कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 14 सितंबर के अपडेट के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले दौर में बादल, बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं पश्चिम और मध्य भारत में गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बारिश का असर बना रह सकता है। दक्षिण भारत में केरल और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, किसी खास जिले में बारिश की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय IMD चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
गुजरात में मौसम विशेष रूप से सक्रिय रहने की संभावना है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बारिश जारी रह सकती है। IMD के हालिया बुलेटिन में 14 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश की संभावना और गुजरात क्षेत्र तथा मराठवाड़ा में इससे पहले भारी बारिश का उल्लेख किया गया था।
उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बिहार में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां संभव हैं। मध्य प्रदेश में मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से कुछ इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना है। दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में मौसम का पैटर्न धीरे-धीरे बदल सकता है।
कुल मिलाकर 15 सितंबर को देश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रहने की संभावना है, लेकिन हर राज्य में बारिश की तीव्रता समान नहीं होगी। कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश, जबकि संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान जलभराव, यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी जमा होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए लोगों को स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।