उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में मौसम ने एक बार फिर आफत का रूप ले लिया है। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात ‘अर्नब’ अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसका असर अभी खत्म नहीं हुआ है। शनिवार को भी आठ राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहा। कहीं नदियां उफान पर हैं, तो कहीं सड़कों पर पानी भर गया है। कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 48 घंटे से लगातार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। अलग-अलग हादसों में करीब 15 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 117 जर्जर और कच्चे मकान गिर गए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक बारिश का असर दिखाई दे रहा है। वाराणसी समेत कई इलाकों में लगातार बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं।
बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
बिहार में भी मौसम का मिजाज फिलहाल राहत देने वाला नहीं है। कई दिनों से जारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कई इलाकों में सड़कों और बस्तियों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
झारखंड में भी लगातार बारिश ने मुश्किलें बढ़ाई हैं। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, 14 राज्यों में नदियों के उफान पर होने की जानकारी सामने आई है, जिससे बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
सबसे गंभीर तस्वीर छत्तीसगढ़ के बस्तर से सामने आई है। यहां पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर हैं और कई प्रमुख नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई इलाकों में लोगों को घर और सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है।
अब बात मौसम विभाग के ताजा अपडेट की। चक्रवात ‘अर्नब’ कमजोर जरूर पड़ चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। IMD ने छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में आगे भी बारिश की चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
यानी चक्रवात कमजोर हुआ है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। यूपी-बिहार से लेकर झारखंड और छत्तीसगढ़ तक बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में प्रशासन की चुनौती राहत और बचाव के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित रखने की भी है।