धर्मपुर में सीआरपीएफ के नजदीक मंगलवार को भारी बारिश के बीच हाईवे और क्यारद संपर्क मार्ग के बीच लगा डंगे का एक हिस्सा अचानक गिर गया। डंगा गिरने से उसके पत्थर और मलबा क्यारद सड़क पर आ गया, जिससे कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण डंगे के आसपास पानी का रिसाव बढ़ गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे किनारे पर्याप्त नालियां नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क से बहते हुए नीचे की ओर पहुंच रहा है। पानी के लगातार रिसाव के कारण डंगे पर दबाव बढ़ा और उसका एक हिस्सा ढह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे किनारे नालियां नहीं होने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दौरान हाईवे का पानी बहकर आसपास के रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच जाता है। इससे लोगों के घरों और आसपास के क्षेत्रों में नुकसान का खतरा बना रहता है। भारी बारिश के दौरान लोग अपने घरों में भी चिंता के माहौल में रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2023 में धर्मपुर के सिहारडी गांव में भी हाईवे से आने वाले बारिश के पानी के कारण क्षेत्र को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। उस समय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा भी किया था। इसके बावजूद कई वर्ष बीतने के बाद भी हाईवे के पानी की निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे पहाड़ के साथ बनी नालियां कई जगह बंद पड़ी हैं। इसके चलते बारिश का पानी नालियों में जाने के बजाय हाईवे पर बहता हुआ धर्मपुर की ओर पहुंच रहा है। इससे बरसात के दौरान जलभराव और नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। डंगा गिरने के बाद क्यारद संपर्क मार्ग पर पत्थर और मलबा आने से यातायात भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों को मार्ग से आवाजाही करने में दिक्कत हुई। हालांकि, डंगे के क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा लगाने का काम जल्द शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों ने एनएचएआई से मांग की है कि हाईवे किनारे जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए और बंद नालियों को जल्द साफ करवाया जाए। लोगों का कहना है कि केवल डंगे की मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। बारिश के पानी की सही निकासी के लिए हाईवे किनारे पर्याप्त और व्यवस्थित नालियां बनाना जरूरी है।