नाहन (सिरमौर)। इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं। इसका जीवंत उदाहरण नाहन शहर में देखने को मिला, जहां हरिपुर खोल निवासी 27 वर्षीय विजय कुमार के इलाज के लिए मुस्लिम समाज के लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया। विजय की दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। उनकी सात साल की बेटी अपने पिता को फिर से स्वस्थ देखना चाहती है। इसी उम्मीद को पूरा करने के लिए पिछले करीब एक सप्ताह से नाहन शहर में उनके इलाज के लिए आर्थिक मदद जुटाई जा रही है। विजय की मदद के लिए दिव्यांश बैरागी, राहुल और उनके साथी लोगों से सहयोग की अपील कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को अंजुमन इस्लामिया जामा मस्जिद कच्चा टैंक में मस्जिद के माइक से विजय कुमार के इलाज के लिए मदद की अपील की गई। अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष बॉबी अहमद की अपील पर मुस्लिम समाज के लोगों ने महज 10 से 15 मिनट में 31 हजार रुपये एकत्र कर दिए। मदद का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। शहर की अन्य पांच मस्जिदों में भी प्रत्येक शुक्रवार को विजय के इलाज के लिए सहयोग राशि एकत्र करने की बात कही गई है। इस पहल ने यह संदेश दिया है कि जरूरत के समय इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और किसी की जिंदगी बचाने के लिए समाज की सामूहिक संवेदना सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। दिव्यांश बैरागी ने कहा कि उन्हें और उनके साथियों को मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिद में सम्मान और आत्मीयता दी।