स्कूलों में पुस्तकालय व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि विकसित करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नाहन में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला मंगलवार को संपन्न हो गई। कार्यशाला में सिरमौर जिले के 16 शिक्षा खंडों से पहुंचे 32 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया। प्रत्येक शिक्षा खंड से दो-दो शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को बाल मित्र पुस्तकालय की अवधारणा, पुस्तकों के संग्रह और प्रबंधन, पुस्तकालय संचालन तथा विद्यार्थियों में नियमित पढ़ने की आदत विकसित करने के तरीकों की जानकारी दी गई। डाइट की प्रवक्ता मीरा ठाकुर ने पढ़ने के महत्व और बाल साहित्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बच्चों में पठन संस्कृति विकसित करने के लिए उनकी उम्र और रुचि के अनुरूप साहित्य उपलब्ध करवाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बाल साहित्य के माध्यम से बच्चों की कल्पनाशीलता, भाषा कौशल और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। जिला समन्वयक स्कूल लाइब्रेरी डॉ. मुनेश शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य स्कूलों को प्रभावी पुस्तकालय व्यवस्था से जोड़ना और विद्यालयों में पुस्तकालयों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। इस दिशा में रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट समग्र शिक्षा के साथ मिलकर सहयोग कर रहा है। कार्यशाला में ट्रस्ट की ओर से शिमला के स्टेट ट्रेनर दीपक कन्याल ने स्रोत समूह के सदस्य के रूप में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान पुस्तकों के चेक-इन और चेक-आउट की प्रक्रिया, पुस्तकालय में पठन गतिविधियों का आयोजन, पुस्तकों का उचित रखरखाव और पुस्तकालय संचालन में समुदाय की भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा शिक्षकों को लाइब्रेरी रेटिंग सिस्टम यानी पुस्तकालय मूल्यांकन प्रणाली के बारे में भी बताया गया। कार्यशाला के स्रोत समूह में जिला समन्वयक डॉ. मुनेश शर्मा के अलावा डाइट की प्रवक्ता मीरा ठाकुर और प्रवक्ता नीतू तोमर शामिल रहीं।