स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। पीएम श्री डॉ. वाईएस परमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ददाहू में उपलब्ध करवाए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता की जांच की गई। इसके लिए विद्यालय परिसर में तीन अलग-अलग स्थानों से पानी के नमूने लिए गए। जांच के बाद पानी पीने योग्य और निर्धारित मानकों के भीतर पाया गया। इससे विद्यालय में विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाए जा रहे पेयजल को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। पानी के नमूने विद्यालय के प्राथमिक खंड, छात्राओं के खंड के ऊपरी हिस्से और मुख्य विद्यालय खंड से लिए गए। मुख्य विद्यालय खंड से लिया जाने वाला पानी कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी इस्तेमाल होता है। इसलिए अलग-अलग स्थानों से पानी की गुणवत्ता जांचना महत्वपूर्ण रहा। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई जल जांच किट से पानी की कई स्तरों पर जांच की गई। इसमें अम्लीयता-क्षारीयता, फ्लोराइड, लौह तत्व, नाइट्रेट, गंदलापन, अवशिष्ट क्लोरीन, कुल कठोरता, क्षारीयता और क्लोराइड की जांच की गई। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार सभी जांच निर्धारित स्वीकार्य सीमा के भीतर पाई गईं। जांच में पानी में हल्की कठोरता जरूर पाई गई, लेकिन इसे बड़ी समस्या नहीं बताया गया। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार पानी को उबालने के बाद इसकी कठोरता कम की जा सकती है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा ने कहा कि जल शक्ति विभाग की ओर से विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों को कॅरिअर संबंधी मार्गदर्शन में सहयोग के लिए तहसीलदार जय सिंह ठाकुर का भी आभार जताया। कुल मिलाकर पानी की जांच के बाद विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए यह राहत की बात है कि जांच में स्कूल का पेयजल निर्धारित मानकों के भीतर पाया गया।