मां भीमाकाली की नगरी सराहन में 20 से 23 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले जिला स्तरीय दशहरा मेले को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेले के दौरान सदियों पुरानी देव परंपराओं और रीति-रिवाजों को बनाए रखने को लेकर बुधवार को रामपुर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिमला, कुल्लू और किन्नौर जिलों से आने वाले देवी-देवताओं की मंदिर समितियों के मोहतमीन, सराहन और आसपास की पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ मेला समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मेले के व्यवस्थित आयोजन और देव परंपराओं के निर्वहन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। 20 अक्टूबर को 2 बजे तक पहुंचने का आह्वान बैठक की अध्यक्षता नायब तहसीलदार सुरेश नेगी ने की। उन्होंने देव समितियों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि मेले में शामिल होने वाले सभी देवी-देवता 20 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक सराहन पहुंच जाएं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में कुछ देवी-देवता निर्धारित समय के बाद पहुंचे थे, जिससे व्यवस्थाएं बनाने में परेशानी हुई। इस बार समय का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया गया है। नायब तहसीलदार ने कहा कि सभी देवी-देवताओं का समय पर पहुंचना इसलिए भी जरूरी है, ताकि वे भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा में शामिल होकर मेले की शोभा बढ़ा सकें। सभी देवी-देवताओं के लिए जगह सुनिश्चित करने का दावा सुरेश नेगी ने कहा कि मेले में पहुंचने वाले सभी देवी-देवताओं के लिए मेला समिति की ओर से उचित स्थान सुनिश्चित किया जाएगा। देव समितियों और उनके साथ आने वाले देवलुओं की संख्या का विवरण भी लिया जा रहा है, ताकि ठहरने सहित अन्य व्यवस्थाएं उसी के अनुसार की जा सकें। उन्होंने बताया कि चार दिवसीय जिला स्तरीय दशहरा मेला नलाटी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। नजराना राशि बढ़ाने की मांग बैठक में मंदिर समितियों के मोहतमीन ने पिछले वर्षों में सामने आई व्यवस्थागत समस्याओं को दूर करने की मांग रखी। मंदिर समितियों ने देवी-देवताओं को दी जाने वाली नजराना राशि में बढ़ोतरी करने की मांग की। इसके अलावा देवताओं के लिए बेहतर ठहराव स्थल, पर्याप्त राशन आपूर्ति और शौचालय की उचित व्यवस्था करने की मांग भी मेला समिति के समक्ष रखी गई। देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं की संख्या को लेकर भी बैठक में जानकारी साझा की गई, ताकि मेले के दौरान उनके ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था की जा सके। सड़कों की हालत सुधारने की मांग पंचायत प्रतिनिधियों ने मेले से पहले ज्यूरी-नानण सड़क की हालत सुधारने की मांग उठाई। इसके अलावा मुख्य ज्यूरी-सराहन सड़क पर जगह-जगह पड़े मिट्टी के ढेरों को हटाने की मांग भी की गई। प्रतिनिधियों का कहना था कि मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होगी। ऐसे में सड़कों की स्थिति बेहतर होने से यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने में मदद मिलेगी। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होने का आह्वान नायब तहसीलदार सुरेश नेगी ने मंदिर समितियों से देव परंपराओं के नियमों को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने मेले के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ मेले की पारंपरिक पहचान को बनाए रखने के लिए पारंपरिक वेशभूषा धारण करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मंदिर समितियों की ओर से बैठक में रखे गए सुझावों और शिकायतों को मेला समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह के समक्ष रखा जाएगा। बैठक में नायब तहसीलदार सराहन प्रेम नेगी, सराहन पंचायत प्रधान सोहन पांटू, ज्यूरी पंचायत प्रधान राजकांता, बौंडा पंचायत प्रधान गोपू राम सहित विभिन्न मंदिर समितियों और पंचायतों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।