अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) किन्नौर स्थित रामपुर ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी मोहिंद्र शर्मा को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को पोक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत तीन वर्ष के साधारण कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने अदालत के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला 16 दिसंबर 2025 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, नाबालिग लड़की सुबह स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान आरोपी मोहिंद्र शर्मा, उम्र 47 वर्ष और जिला शिमला निवासी, अपनी गाड़ी लेकर वहां पहुंचा। आरोपी ने लड़की को स्कूल छोड़ने की बात कही। इसके बाद लड़की उसकी गाड़ी में बैठकर स्कूल के लिए चली गई। आरोप है कि गाड़ी में आरोपी ने लड़की को गलत तरीके से छुआ। इसके साथ ही उसने लड़की को धमकाते हुए कहा कि उसने उसे पिछले दिन किसी के साथ लाल रंग की गाड़ी में जाते हुए देखा था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, लड़की ने आरोपी को बताया कि वह पिछले दो-तीन दिनों से घर पर थी और स्कूल नहीं गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद आरोपी उसे झूठी धमकी देकर प्रतिदिन अपनी गाड़ी में आने के लिए मजबूर करता रहा। आरोपी ने बाद में नाबालिग को स्कूल के गेट के पास उतार दिया। साथ ही उसे इस घटना के बारे में किसी को भी न बताने की धमकी दी। घर पहुंचने के बाद पीड़िता ने अपने पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद चालान अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी मोहिंद्र शर्मा के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए और उसे दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास तथा दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।