फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीडियो: अब मंडी से कुल्लू सिर्फ एक घंटे में, वर्षों का इंतजार हुआ खत्म

मंडी से कुल्लू के बीच वर्षों से जोखिम भरा सफर करने वाले लोगों को अब बड़ी राहत मिली है। कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के तहत दयोड़-हणोगी के बीच बनी दोनों टनलों को यातायात के लिए खोल दिया गया है। इससे मंडी-कुल्लू के बीच सफर पहले के मुकाबले आसान और सुरक्षित हो गया है। लोगों के अनुसार, पहले दो घंटे से अधिक समय लगने वाला सफर अब करीब एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा। दयोड़ से हणोगी तक टनलों में यातायात शुरू होने से वाहन चालकों को पुराने हाईवे के संकरे और जोखिम भरे हिस्से से राहत मिली है। पहले खोतीनाला और जोगणी माता मंदिर के पास से होकर गुजरना पड़ता था। इस हिस्से में पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता था और संकरी सड़क के कारण अक्सर जाम की स्थिति पैदा हो जाती थी। अब टनलों के शुरू होने से इन समस्याओं से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है। टैक्सी ऑपरेटर यूनियन पंडोह के चेयरमैन परमदेव, जीप चालक कौल सिंह तथा बस ऑपरेटर दिनेश और डोला राम ने कहा कि टनलों के खुलने का उन्हें लंबे समय से इंतजार था। अब जाम में फंसने और पहाड़ी से पत्थर गिरने की चिंता कम हुई है। इससे समय के साथ वाहनों के ईंधन की भी बचत होगी। लोगों ने इस सुविधा के लिए केंद्र सरकार और फोरलेन परियोजना से जुड़े अधिकारियों का आभार जताया। फोरलेन परियोजना पूरी होने के बाद मंडी से कुल्लू की दूरी करीब 78 किलोमीटर से घटकर 60 किलोमीटर रह जाएगी। इसके बाद दोनों शहरों के बीच सफर करीब एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा। मौजूदा दयोड़-हणोगी टनलों के खुलने से ही करीब ढाई किलोमीटर सफर कम हुआ है। एक टनल की लंबाई 2.8 किलोमीटर और दूसरी की लंबाई करीब 650 मीटर है। पुराने हाईवे से इसी हिस्से में करीब छह किलोमीटर का सफर करना पड़ता था। कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान भी इन टनलों से यात्रियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय निवासी गोपी, महेंद्र पाल और पर्यटक गोल्डी राम ने कहा कि टनलों के खुलने से कुल्लू आना-जाना पहले से काफी आसान और आरामदायक हो गया है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें