कुल्लू के रथ मैदान में कहीं एशिया की पारंपरिक नृत्य शैली की झलक दिखी तो कहीं अमेरिका और रूस के कलाकारों ने अपनी संस्कृति के रंग बिखेरे। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, लयबद्ध कदमों और लोक संगीत के बीच गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का मंच वैश्विक संस्कृति का गवाह बना। रथ मैदान में पहली बार आयोजित ग्लोबल डांस कार्यक्रम में विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इंडोनेशिया, मलयेशिया, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, अमेरिका और रूस के सांस्कृतिक दलों के साथ हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के प्रतिभागियों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। तीन दिन तक चलने वाले ग्लोबल डांस में अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों के जरिये दर्शकों को उनकी लोक परंपराओं, नृत्य शैलियों और पारंपरिक पहनावे की झलक देखने को मिल रही है। विधायक एवं कुल्लू दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि ग्लोबल डांस के आयोजन से अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा की वैश्विक पहचान मजबूत होगी। इसके माध्यम से विभिन्न देशों और भारतीय राज्यों की सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच मिलेगा और आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहन मिलेगा।