हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने बुधवार ढालपुर में सप्ताह भर चलने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों में से एक इस उत्सव का आगाज हुआ। राज्यपाल ने कहा कि कुल्लू दशहरा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति, लोक परंपराओं, सामूहिक आस्था और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। देव संस्कृति और लोक संस्कृति का अनूठा संगम कुल्लू दशहरा को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है और इसे देश के सांस्कृतिक मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाता है। उन्होंने कहा कि परंपराएं केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए सामर्थ्य एवं मार्गदर्शन का स्रोत भी हैं। राज्यपाल ने कहा कि इन परंपराओं का संरक्षण करना और इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।