गणेश चतुर्थी के पर्व पर सोमवार को देवभूमि कुल्लू में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कीं। गणपति स्थापना के साथ ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तिमय माहौल बन गया। अगले 11 दिनों तक सुबह-शाम पूजा-अर्चना, आरती और गुणगान किया जाएगा। इसके बाद 25 सितंबर को गणपति बप्पा की विधिवत विदाई की जाएगी। स्थानीय श्रद्धालु मनीषा भारती ने बताया कि वह वर्ष 2021 से हर साल अपने घर में गणपति की स्थापना करती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी के दौरान परिवार के सभी सदस्य श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में शामिल होते हैं। वहीं, मुंबई निवासी और वर्तमान में कुल्लू में रह रहे रत्नेश ने बताया कि वह करीब 25 वर्षों से गणपति बप्पा की स्थापना कर रहे हैं। उनके लिए यह पर्व आस्था और परंपरा से जुड़ा हुआ है। हर साल गणपति की स्थापना के बाद परिवार और आसपास के लोग पूजा-अर्चना में शामिल होते हैं। रामशिला हनुमान मंदिर के पुजारी हरिगिरी महाराज ने बताया कि गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। मंदिर में 11 दिनों तक सुबह-शाम पूजा-अर्चना और भगवान गणेश का गुणगान किया जाएगा। इसके बाद 25 सितंबर को विधि-विधान के साथ गणपति प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। गणेश चतुर्थी को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। घरों और मंदिरों में गणपति बप्पा की स्थापना के साथ ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं।