कोसरी पंचायत के उम्बर बल्ही, बल्ह और महाराज नगर (दबाटा) गांवों को बरसात के दौरान आवागमन की समस्या से निजात दिलाने के लिए पुल या पुलिया निर्माण की मांग अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। ग्राम पंचायत टंबर की पूर्व प्रधान और इस वर्ष ग्राम पंचायत कोसरी से प्रधान पद की प्रत्याशी रहीं नेहा वर्मा गुरुवार को बल्ह गांव में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गईं। नेहा वर्मा का कहना है कि बरसात के मौसम में गांवों के बीच बहने वाली खड्ड का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे ग्रामीणों का मुख्य सड़क तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। तेज बारिश के दौरान स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि लोगों को जरूरी काम के लिए भी जोखिम उठाकर खड्ड पार करनी पड़ती है। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार लोगों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के दौरान होती है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार मरीजों को पालकी या कुर्सी के सहारे खड्ड पार करवाकर सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीण लंबे समय से यहां स्थायी पुल या पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं। नेहा वर्मा ने बताया कि समस्या को लेकर प्रशासन के समक्ष पहले भी कई बार मांग रखी जा चुकी है, लेकिन वर्षों से ग्रामीणों को आश्वासन ही मिलते रहे हैं। उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले एसडीएम जयसिंहपुर को ज्ञापन सौंपकर सात दिन के भीतर दोनों मांगों पर ठोस और लिखित कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर 3 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। इसी के तहत गुरुवार को उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी। नेहा वर्मा की पहली मांग कोसरी पंचायत के उम्बर बल्ही, बल्ह और महाराज नगर (दबाटा) गांवों को जोड़ने वाली खड्ड पर पुल या पुलिया का निर्माण करवाना है। उनका कहना है कि इससे बरसात में ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। दूसरी मांग ग्राम पंचायत टंबर में पंचायत घर का निर्माण जल्द करवाने की है। नेहा वर्मा टंबर पंचायत में पूर्व में प्रधान रह चुकी हैं और पंचायत घर के निर्माण को भी लंबे समय से लंबित मांग बता रही हैं। नेहा वर्मा के भूख हड़ताल पर बैठने के बाद स्थानीय ग्रामीण भी उनके समर्थन में उतर आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण की मांग नई नहीं है। कई वर्षों से समस्या के समाधान का भरोसा दिया जाता रहा है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। स्थानीय महिला मंडल और कृष्ण महिला मंडल की सदस्यों ने भी नेहा वर्मा के आंदोलन को समर्थन दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात के दौरान लोगों की सुरक्षा और आवागमन की समस्या को देखते हुए मामले में जल्द कार्रवाई की जाए।