मां ज्वाला जी वेद पाठशाला गुरुकुल के संचालन को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही कथित भ्रांतियों पर आस्था एवं संस्कार केंद्र ने कड़ी आपत्ति जताई है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र के पदाधिकारियों ने गुरुकुल के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की। आयोजक वासुदेव शर्मा ने कहा कि देवी तालाब के समीप स्थित मां ज्वाला वेद पाठशाला गुरुकुल का संचालन किसी व्यक्ति विशेष, ब्राह्मण सभा या किसी अन्य संस्था द्वारा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुकुल आस्था एवं संस्कार केंद्र की देखरेख में संचालित हो रहा है। वासुदेव शर्मा ने बताया कि गुरुकुल में बच्चों के लिए वैदिक शिक्षा के साथ रहने और भोजन की व्यवस्था भी की गई है। विद्यार्थियों को वेद मंत्रों के उच्चारण और यजुर्वेद की शिक्षा देने के लिए शिक्षक की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां भी करवाई जाती हैं। गुरुकुल में वैदिक शिक्षा के साथ विज्ञान, गणित, संस्कृत सहित आधुनिक शिक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समाज के अन्य बच्चों के लिए भी अलग-अलग गतिविधियों और शैक्षणिक कक्षाओं का आयोजन किया जाता है। केंद्र के सचिव अरुण शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर गुरुकुल के संचालन को लेकर अलग-अलग तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुकुल की व्यवस्थाएं और संचालन आस्था एवं संस्कार केंद्र की देखरेख में हो रहा है और इसमें संस्था के प्रधान तथा सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था अपने स्तर पर गुरुकुल को किसी अन्य संस्था अथवा व्यक्ति द्वारा संचालित किए जाने की गलत जानकारी प्रसारित करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अरुण शर्मा ने समाज और सनातन धर्म से जुड़े लोगों से गुरुकुल के संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरुकुल को सुचारु रूप से चलाने के लिए आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इच्छुक लोग केंद्र के कार्यालय में संपर्क कर सहयोग कर सकते हैं और आर्थिक सहयोग केवल बैंक खाते के माध्यम से स्वीकार किया जाता है। नकद राशि नहीं ली जाती। वासुदेव शर्मा ने कहा कि गुरुकुल का उद्देश्य बच्चों को संस्कारयुक्त वैदिक और आधुनिक शिक्षा प्रदान करना, उनका सर्वांगीण विकास करना तथा समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ज्वालामुखी मंदिर का गुरुकुल के संचालन में कोई सहयोग नहीं है और गुरुकुल पूर्णतया आस्था एवं संस्कार केंद्र द्वारा संचालित किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में केंद्र के ऋषि सूद और प्रतीक सूद भी मौजूद रहे।