हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के कामगार कल्याण मॉडल को समझने के लिए श्रीलंका और नेपाल का 33 सदस्यीय संयुक्त शिष्टमंडल हमीरपुर पहुंचा। चार दिवसीय हिमाचल प्रवास पर आए प्रतिनिधियों ने नादौन की धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना का दौरा कर श्रमिकों से संवाद किया और हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इसके बाद हमीरपुर में आयोजित कार्यक्रम में बोर्ड के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को कामगारों के लिए चलाई जा रही 14 कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने शिष्टमंडल का स्वागत करते हुए योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बोर्ड की योजनाओं से श्रमिकों के साथ उनके बच्चों और अन्य परिजनों को भी आर्थिक सहायता मिल रही है। मकान निर्माण, चिकित्सा सहायता, बच्चे के जन्म, शिक्षा, विवाह, पेंशन, दिव्यांगता पेंशन और श्रमिक की मृत्यु पर आर्थिक मदद सहित कई प्रावधान इन योजनाओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान बोर्ड ने करीब 45 हजार कामगारों को 107 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लाभ दिए हैं। करीब 15 हजार श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए ही लगभग 40 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। निराश्रित महिलाओं को मकान निर्माण के लिए भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। कार्यक्रम में इंटक नेता संजय सैणी, प्रेरणा, श्रीलंका के प्रतिनिधि विजया हेत्तीआरछी सहित शिष्टमंडल के अन्य सदस्यों ने भी विचार रखे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने हमीरपुर स्थित कामगार कल्याण बोर्ड के मुख्यालय का दौरा किया और अधिकारियों से बोर्ड की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।