अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस पर शनिवार को धर्मशाला में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग, आईसीएमआर और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों व हितधारकों ने भाग लिया। इस दौरान सांप के काटने की घटनाओं में समय पर उपचार, बचाव और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर चर्चा की गई। आयोजन गुंजान ऑर्गेनाइजेशन, एसएआरपीए (आईसीएमआर) कांगड़ा और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर उमेश भारती ने उपस्थित लोगों को सांप के काटने के दौरान क्या करें और इसे कैसे बचें, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने लोगों को बताया कि प्रदेश में 70 फीसदी सांप ऐसे हैं जिनके काटने से मौत नहीं होती है। केवल 30 फीसदी सांप ही जहरीले होते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अपने आसपास साफ-सफाई रखें और घास काटते समय जूतों का प्रयोग करें। वहीं अगर किसी को सांप काट लें तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए।