बरसात के मौसम में पशुओं में लंपी वायरस और गलघोंटू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमण की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने कांगड़ा जिले में टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। वहीं, पशुपालकों को भी पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पशु प्रजनन उपनिदेशक डॉ. सीमा गुलेरिया ने बताया कि बरसात के दौरान पशुओं को खुले में चराने के लिए बाहर भेजने से बचना चाहिए। गौशालाओं में नियमित साफ-सफाई के साथ मक्खी-मच्छरों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग रखने और तुरंत पशुपालन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार कांगड़ा जिले में गलघोंटू की रोकथाम के लिए 1.50 लाख वैक्सीन की खुराक प्राप्त हुई थीं। इनमें से 1.35 लाख खुराक पशुओं को लगाई जा चुकी हैं। वहीं, लंपी की रोकथाम के लिए उपलब्ध 1.45 लाख खुराक में से अब तक 30 हजार पशुओं का टीकाकरण किया गया है। डॉ. सीमा गुलेरिया ने पशुपालकों से अपील की है कि संक्रमण के दौरान पशुओं की खरीद-फरोख्त से बचें और पशुओं को भीड़भाड़ वाले या खुले चरागाहों में छोड़ने से परहेज करें। समय पर टीकाकरण और साफ-सफाई के जरिये संक्रमण के प्रसार को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।