हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार पर पेंशनरों की लंबित देनदारियों को लेकर गुमराह करने और विधानसभा में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। समिति के नेता सुरेश ठाकुर ने धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में कहा कि सरकार ने यदि जल्द पेंशनरों की मांगों और लंबित भुगतान पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा और सरकार का घेराव किया जाएगा। सुरेश ठाकुर ने कहा कि 1 सितंबर को शिमला के चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने अपनी मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद 3 सितंबर को विधानसभा में करसोग के विधायक दीपराज तथा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा पूछे गए अनुपूरक प्रश्नों के जवाब में मुख्यमंत्री की ओर से 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के एरियर, लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी सहित अन्य बकायों के भुगतान की बात कही गई। ठाकुर ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि 75 वर्ष से अधिक आयु के सभी पेंशनरों के बकाये के भुगतान संबंधी कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं की गई है। उन्होंने दावा किया कि पेंशनरों की सरकार पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारी है, जबकि अब तक लगभग 2,229 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया है।