पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता रामलाल ठाकुर ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े किसी भी आरोप को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। रामलाल ठाकुर ने कहा कि कथित वोट चोरी के आरोपों पर तथ्यों के साथ जवाब सामने आना चाहिए, ताकि लोगों का चुनावी व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया और कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल मतदान तक सीमित नहीं होते। मतदाता सूची तैयार करने से लेकर मतदान, मतगणना और परिणाम घोषित करने तक प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है। यदि किसी स्तर पर संदेह पैदा होता है तो संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करें। देशभर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। छह अक्तूबर को विपक्षी सांसदों ने निर्वाचन आयोग तक मार्च भी किया था। निर्वाचन आयोग ने प्रदर्शन के संबंध में अपना पक्ष भी सार्वजनिक किया था। thelallantop.com रामलाल ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन इसका असर जनप्रतिनिधियों के सम्मान और अधिकारों पर नहीं पड़ना चाहिए। दिल्ली में विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित घटना का जिक्र करते हुए ठाकुर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ व्यवहार लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष चुनाव, स्वतंत्र अभिव्यक्ति और प्रभावी विपक्ष जरूरी हैं। चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए और संबंधित संस्थाओं को जनता के सामने तथ्य रखने चाहिए। उनके अनुसार इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का विश्वास और मजबूत होगा। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बिलासपुर प्रभारी परस राम, महासचिव अधिवक्ता अनुराग शर्मा, बंत सिंह चंदेल, हेम राज और मनेंद्र चंदेल सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।