जिले में नशे के बढ़ते नेटवर्क पर बिलासपुर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। चिट्टे की सप्लाई चेन को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस अब केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जुड़े मुख्य सप्लायरों और स्थानीय पेडलरों तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि पुलिस ने नशे के अलग-अलग नेटवर्क को चिन्हित किया है और उन्हें पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले ढाई माह में जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 81 मामले दर्ज किए गए हैं और 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 21 अगस्त को जिला पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम ने फोरलेन पर बाइक की चेकिंग के दौरान अमन और अरुण को 14.5 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के साथ डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर सप्लाई के स्रोत की तलाश शुरू की। जांच में सामने आया कि चिट्टे की यह खेप रोपड़ के आनंदपुर साहिब निवासी मलकियत सिंह उर्फ मल्ली ने सप्लाई की थी। इसके बाद सदर थाना पुलिस की टीम ने रोपड़ में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि मल्ली पिछले कुछ समय से बिलासपुर और मंडी क्षेत्र में चिट्टे की सप्लाई कर रहा था। आरोपी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में पहले से 10 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने फॉरवर्ड लिंकेज के जरिए स्थानीय स्तर पर नशे की सप्लाई करने वालों की पहचान भी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में एक सितंबर को स्पेशल डिटेक्शन टीम ने तुन्नू ढलियार फोरलेन पर पिकअप वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान मनीष निवासी बंदला, आशीष कल्याण निवासी द्यारा सेक्टर और आसिफ मोहम्मद निवासी रौड़ा सेक्टर से 9.1 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। तीनों को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के आधार पर द्यारा सेक्टर निवासी नितिन कुमार उर्फ टांडी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार नितिन लंबे समय से क्षेत्र में चिट्टे की सप्लाई में सक्रिय स्थानीय पेडलर था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तीन मामलों समेत कुल छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं। हाल ही में मल्यावर लिंक रोड के पास नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक वोल्वो बस की चेकिंग की। इस दौरान तरनतारन, पंजाब निवासी रेशम सिंह के कब्जे से करीब 52 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में भी पुलिस सप्लाई के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। एसपी अभिषेक धीमान के अनुसार, पिछले ढाई माह में दर्ज 81 एनडीपीएस मामलों में अधिकांश इंटरमीडिएट और कमर्शियल क्वांटिटी से जुड़े हैं। पुलिस ने अब तक 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने बाहरी राज्यों से जुड़े 17 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार कर उनके 17 नेटवर्क ध्वस्त किए हैं। पुलिस अब इन नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। एसपी ने कहा कि बिलासपुर पुलिस की नशे के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का फोकस नशे की छोटी खेप पकड़ने के साथ-साथ उसके पीछे काम कर रहे पूरे सप्लाई नेटवर्क को खत्म करने पर है।