हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र की करीब 45 पंचायतों की आबादी के लिए स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था का एक अहम पहलू यह है कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है, लेकिन उसे चलाने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बावजूद पिछले काफी समय से मरीजों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त होने के कारण मशीन का इस्तेमाल नहीं हो रहा और मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी लैब या दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। झंडूता क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता के अलावा नागरिक अस्पताल बरठीं, अस्पताल शाहतलाई और कलोल जैसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान हैं। इसके बावजूद क्षेत्र के मरीजों को नियमित अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और ऐसे मरीजों को उठानी पड़ती है जिन्हें चिकित्सकीय जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी जाती है। उन्हें निजी केंद्रों में जांच करवाने के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ता है या फिर घुमारवीं और जिला अस्पताल बिलासपुर तक जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा ग्रामीण आबादी वाला है। दूरदराज की पंचायतों से मरीजों को जांच के लिए दूसरे अस्पतालों तक ले जाना आसान नहीं होता। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवा दी गई है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त होने के कारण सुविधा शुरू नहीं हो पाई है।