सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर अभिभावक सेवा मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में अभिभावकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान अभिभावकों ने प्रशासन और निजी स्कूलों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूलों द्वारा किताबों की खरीद के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। उनका कहना है कि जिन किताबों की वास्तविक कीमत करीब ₹50 होती है, उन्हें ₹500 तक में बेचा जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इसके अलावा अभिभावकों ने स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि बच्चों की वर्दी एक साल में खराब नहीं होती, इसके बावजूद हर साल नई यूनिफॉर्म और हाउस ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह स्कूल प्रबंधन अभिभावकों की जेब पर अनावश्यक बोझ डाल रहा है। अभिभावक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि निजी स्कूलों की इस मनमानी पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस मौके पर अभिभावक सेवा मंच के पदाधिकारी सहित कई अभिभावक मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।