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यमुनानगर में किसानों की नौ सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांग-पत्र, 10 सितंबर को पेहवा में महापंचायत

हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने किसानों, खेत-मजदूरों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम नौ सूत्रीय मांग-पत्र जारी किया है। मोर्चे ने सरकार से मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगों की अनदेखी होने पर 10 सितंबर को पेहवा अनाज मंडी में होने वाली किसान महापंचायत में कड़ा और निर्णायक फैसला लिया जाएगा। मोर्चे ने मांग की है कि तकनीकी खामियों और समय सीमा के कारण पंजीकरण से वंचित किसानों के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल को तुरंत दोबारा खोला जाए। मोर्चे के अनुसार फसल बिक्री सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ पंजीकरण से जुड़ा है, इसलिए प्रत्येक किसान का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मांग-पत्र में 15 सितंबर से परमल धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। किसानों ने धान में स्वीकार्य नमी की सीमा बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने और 20 प्रतिशत तक नमी वाली फसल की बिना मूल्य कटौती एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा भारतीय कपास निगम (सीसीआई) से नरमा-कपास की शत-प्रतिशत एमएसपी पर समय पर और पारदर्शी खरीद कराने की मांग रखी गई है। मोर्चे ने आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का लाभकारी मूल्य बढ़ाकर 650 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है। वहीं पशुपालकों के लिए दूध का लागत के अनुरूप लाभकारी मूल्य तय करने, नकली दूध और मिलावट के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने तथा सहकारी दुग्ध व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गई है। मांग-पत्र में वीटा और अन्य दुग्ध संस्थानों में बकाया भुगतान में देरी, खरीद व्यवस्था में अनियमितताओं तथा वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की गई है। इसके अलावा नहरों, नालों और सड़कों के किनारे सरकार द्वारा लगाए गए पेड़ों से होने वाली आय में संबंधित भू-स्वामी किसानों को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने तथा हर पांच किलोमीटर के दायरे में नए फसल खरीद केंद्र और उप-मंडियां स्थापित करने की मांग की गई है। मोर्चे ने कहा कि ये मांगें किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों की समस्याओं से जुड़ी हैं। मांग-पत्र पर कार्यकारिणी सदस्यों ने हस्ताक्षर कर सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है।

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