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निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने जलाई आदेशों की प्रतियां

गोहाना। बिजली विभाग के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को निगम की सभी सब डिविजनों में निजीकरण के आदेशों की प्रतियां जलाई गई। बरोदा रोड स्थित बिजली के शहरी कार्यालय में कर्मचारियों का नेतृत्व यूनियन की राज्य कमेटी के सदस्य सुरेश यादव ने किया। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम और नूह को 11 पावर कंपनी के प्राइवेट हाथों में सौंप दिया गया है। इस कंपनी का निर्माण अगस्त 2025 में हुआ है, जिसका किसी भी प्रकार का अनुभव नहीं है। बिजली का निजीकरण होता है, तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों और आम उपभोक्ताओं को होगा। किसानों और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी। बिजली कनेक्शन महंगे हो जाएंगे और कंपनी मनचाए रेट में बिजली बेचेगी। बिजली कर्मचारियों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने निजीकरण के विरोध में 22, 23 और 24 अक्तूबर को पूरे प्रदेश का बिजली कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे। इस अवसर पर सूरजभान चहल, नरेश विरोधिया, मोनिका, प्रियंका, मनीषा, जितेंद्र, वीरेंद्र चोपड़ा, सुनील चहल, सुमेर, लहना सिंह, सुनील शर्मा, अशोक मलिक, अनिल मलिक, गजराज आदि उपस्थित थे।

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