अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान गायक रमेश कलावड़िया ने बताया कि बचपन में तीसरी-चौथी कक्षा से ही रागिनी गाना शुरू कर दिया था। स्कूल में अध्यापक सुबह की प्रार्थना गाने के लिए उनको लड़कियों के साथ स्टेज पर खड़ा कर देते थे। एक अध्यापक ने आवाज अच्छी बताकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पूर्व उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू से भी गायक रमेश सम्मानित हो चुके हैं। गायक रमेश कर कहना है कि सरकार को रागिनी गायन को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी कार्यक्रमों में रागिनी गान रखना चाहिए ताकि लोगों में पुराना प्रेम बना रहे।