रेवाड़ी। जिले के गांव तिहाड़ा में सोमवार को कन्या पूजन के बाद प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चियों को चक्कर आने लगे और उल्टियां होने लगीं। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के बाद तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्रसाद बनाने के लिए बावल के बाजार से आधा किलो देसी घी खरीदा गया था। बच्चियों के बीमार होने पर परिजनों ने घी में मिलावट की आशंका जताई है। प्रसाद खाने के कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत: जानकारी के अनुसार, रोहतक जिले के गांव खेड़ारी निवासी सतीश फिलहाल तिहाड़ा में रहकर मजदूरी करता है। उसने सोमवार को नवरात्र के समापन पर आसपास की कन्याओं को भोज कराया था। प्रसाद खाने के कुछ देर बाद सतीश की 6 वर्षीय बेटी लीला, पड़ोस की 12 वर्षीय सानिया और डेढ़ साल की साबया की तबीयत बिगड़ गई। तीनों को चक्कर आने के साथ उल्टियां होने लगीं। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया। दुकानदार पर धमकाने का आरोप: बच्चियों की तबीयत बिगड़ने के बाद सतीश बचा हुआ घी लेकर बावल में संबंधित दुकानदार के पास पहुंचा। सतीश का आरोप है कि शिकायत करने पर दुकानदार ने उसे धमकाया और वापस भेज दिया। इसके बाद उसने बावल थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी। दुकान पर पहुंची पुलिस, खाद्य सुरक्षा विभाग को बुलाया: शिकायत मिलने के बाद बावल थाना प्रभारी सतीश को साथ लेकर संबंधित दुकान पर पहुंचे। पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया। विभाग की टीम घी का सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजेगी। जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कारण: फिलहाल घी में मिलावट होने की पुष्टि नहीं हुई है। सैंपल की जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि घी की गुणवत्ता में कोई गड़बड़ी थी या बच्चियों की तबीयत बिगड़ने की वजह कुछ और थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।