सावन महीने की पूर्णिमा तिथि के अवसर पर शुक्रवार को जिलेभर के शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही एक माह से चले आ रहे सावन व्रत और नियमों का उद्यापन भी विधि-विधान पूर्वक संपन्न हुआ। तड़के पांच बजे से ही शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया था। प्राचीन देवी मंदिर, श्री सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन, सनातन धर्म शिव मंदिर सेक्टर 11 और श्री राधा कृष्ण मंदिर दत्ता कॉलोनी में सुबह से ही लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे। शिव भक्तों ने बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प और जल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। कई स्थानों पर सामूहिक रुद्राभिषेक और हवन-पूजन के आयोजन भी किए गए। श्री राधा कृष्ण मंदिर दत्ता कॉलोनी के मुख्य पुजारी पंडित भगवत शर्मा ने सावन पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सनातन धर्म में इस तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक स्थान है। उन्होंने बताया कि सावन पूर्णिमा पर भगवान शिव की उपासना करने से वर्ष भर के कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस दिन चंद्र देव अपनी संपूर्ण 16 कलाओं से युक्त होते हैं, जिससे शिवलिंग का पूजन और जलाभिषेक करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। उद्यापन से मिलता है फल सावन माह के अंतिम दिन व्रत का उद्यापन करने से पूरे महीने की गई भक्ति का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इसी पावन तिथि पर रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाता है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। संध्या समय में भी मंदिरों में विशेष आरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। पूरे दिन शहर का माहौल शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।