शहर स्थित नागरिक अस्पताल के परिसर में सफाई का अभाव है और विभाग वार्डों के पीछे कचरा एकत्र कर रहा है। साथ ही कुछ स्थानों पर विभाग की ओर से कचरे के ढेरों में आग लगाई जा रही है और इससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। बता दें कि शहर के नागरिक अस्पताल के भवन में सफाई व्यवस्था उचित रहती है, लेकिन कर्मचारियों की ओर से मिट्टी, कागज व अन्य सामग्री वार्डों के पीछे ही धकेली जा रही है। इस लाइन में इमरजेंसी वार्ड, सामान्य वार्ड व ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। जब इनकी खिड़कियां खोली जाती हैं तो कचरे की बदबू अंदर जाती है। वार्डों के पास कचरा सड़ रहा है और पास के वाटर कूलर से आ रहा पानी भी वार्डों के पीछे ही एकत्र हो रहा है। पानी के एकत्र होने से मच्छर जनित बीमारियां फैलने की आशंका अधिक रहती है। अब गर्मी सीजन में मच्छर जनित बीमारी अधिक फैलने की संभावना है। वहीं, दूसरी ओर से अस्पताल के पीपीसी ब्लॉक के पास दूषित पानी भर रहा है। यहां पर अस्पताल के क्वार्टर में रहने वाले चिकित्सकों का प्रयोग किया गया पानी भरता है। इन पर भी मच्छर मंडराते हैं और पानी के पास भी दुर्गंध का माहौल रहता है। यहां पर प्रतिदिन गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आती हैं और इसके पास ही बीमारियों का उद्गम केंद्र बन रहा है। विभाग की ओर से दूषित पानी निकासी के लिए अस्पताल के पीछे की आरे से व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि मरीजों व तीमारदारों को दुर्गंध आदि की परेशानी न हो। इसी तरह लेबोरेट्री के सामने कचरे के ढेर लगे हैं। यहां पर कर्मचारियों की ओर से आग लगाकर कचरे को नष्ट किया जा रहा है। इससे आसपास धुंआ रहता है और वायु प्रदूषण को भी बढ़ावा मिल रहा है।