नांगल चौधरी की जाट सभा ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बड़ा फैसला लेते हुए मृत्यु भोज समेत तीन सामाजिक रस्मों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। जाट सभा प्रधान कुलदीप जेलदार की अध्यक्षता में हुई बैठक में समाज सुधार से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत मंथन के बाद यह फैसला लिया गया। फसल कटाई का सीजन होने के बावजूद बैठक में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। बैठक की शुरुआत दिवंगत पूर्व सरपंच एवं समाजसेवी चौधरी मालाराम सहित समाज के अन्य दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि देकर की गई। इसके बाद बार एसोसिएशन नारनौल के नवनियुक्त प्रधान एडवोकेट विजय पाल का पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब मृत्यु भोज पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। स्वामणी या किसी अन्य माध्यम से भी मृत्यु भोज आयोजित करने को मान्यता नहीं दी जाएगी। इसके अलावा विवाह और अन्य शुभ अवसरों पर गांव की लड़कियों की ओर से बांटे जाने वाले बर्तनों के लेन-देन पर भी रोक रहेगी। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद रिश्तेदारों को टीके के रूप में राशि देने की परंपरा पर भी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया। 26 सितंबर से गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान सभा ने स्पष्ट किया कि फैसलों को केवल बैठक तक सीमित नहीं रखा जाएगा। 26 सितंबर से कमेटी और समाज के गणमान्य लोग गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक करेंगे। अभियान की शुरुआत सुबह 10 बजे बुढ़वाल से होगी। इसके बाद 12 बजे बनिहारी, दोपहर दो बजे कालबा और शाम चार बजे नोलाईजा में कार्यक्रम होंगे। बैठक में सतपाल दहिया, रामनिवास सरपंच, वीरेंद्र, हजारीलाल लंबौरा, सतवीर बडेसरा, सूबेदार जगराम समेत अनेक लोग मौजूद रहे।