करनाल। श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास आचार्य योगेश उपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता संसार के लिए एक आदर्श है। सुदामा ने अपनी गरीबी और अभाव की कभी चिंता नहीं की, बल्कि मित्र कृष्ण के प्रति उनका प्रेम और समर्पण सबसे ऊपर रहा। आचार्य योगेश उपाध्याय ने कहा कि सुदामा जैसी सच्ची दोस्ती आज के समय में देखने को बहुत कम मिलती है। उन्होंने कथा के माध्यम से बताया कि सुदामा ने कृष्ण के हिस्से में आने वाली गरीबी को भी अपने हिस्से में ले लिया। यही सच्चे मित्र की पहचान है कि वह अपने मित्र के सुख-दुख में पूरी तरह साथ खड़ा रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि मनुष्य को जीवन में धन-दौलत और भौतिक सुखों के पीछे भागने के बजाय प्रेम, विश्वास, सेवा और सद्भाव को महत्व देना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने भी सुदामा की गरीबी नहीं देखी, बल्कि उनके प्रेम और भाव को देखा। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया।