जींद। उचाना विधायक देवेन्द्र अत्री ने कहा कि जादू शो केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि रचनात्मकता, जिज्ञासा और कल्पनाशक्ति को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम भी है। ऐसे कार्यक्रम लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने के साथ नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। पढ़ाई और दैनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच स्वस्थ मनोरंजन मानसिक रूप से नई ऊर्जा देने के साथ सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होता है। विधायक शनिवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में अमृतकाल जागरूकता अभियान के तहत आयोजित विश्वविख्यात जादूगर सम्राट शंकर के जादू शो के तीसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सांग, कठपुतली कला, जादू शो सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और स्वस्थ मनोरंजन में भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जादू के करतब बच्चों और युवाओं में जिज्ञासा पैदा करते हैं तथा उन्हें चीजों को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करते हैं। सरकार की ओर से जनहित में चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। विधायक ने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण करने और लगाए गए पौधों की देखभाल करने की अपील भी की। जादुई करतबों से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध जादूगर सम्राट शंकर और जूनियर सम्राट शंकर ने जादुई करतबों और रोमांचक प्रस्तुतियों से दर्शकों को हैरत में डाल दिया। शो में मनोरंजन के साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता का संदेश भी दिया गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। जादूगर सम्राट शंकर ने कहा कि कला और मनोरंजन के माध्यम से सामाजिक संदेश लोगों के मन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाने और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया।