झज्जर। रेवाड़ी क्षेत्र के मसानी बैराज के पानी को पाइपलाइन के माध्यम से झज्जर जिले की ड्रेन नंबर-8 में डालने की योजना को लेकर बादली क्षेत्र के ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स के साथ ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पाइपलाइन बिछाने के कार्य को तुरंत रुकवाने की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि गंदा और केमिकल युक्त पानी क्षेत्र में आने से लोगों के स्वास्थ्य, फसलों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि मसानी बैराज के जहरीले पानी को पाइपलाइन के जरिए झज्जर की ड्रेन नंबर-8 में छोड़ने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौरंगपुर गांव के पास इस पानी को नाले में खुले रूप से छोड़ने की योजना है, जिससे क्षेत्र की फसलों और आने वाली पीढ़ियों पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुलदीप वत्स ने कहा कि यदि रेवाड़ी क्षेत्र के नेता इस पानी को शुद्ध मानते हैं तो इसे अपने जिले में ही इस्तेमाल करवाएं। झज्जर के लोगों के साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि दूषित पानी से कैंसर सहित अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और खेती भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पहले से ही केमिकल युक्त पानी आने की समस्या है। ऐसे में अतिरिक्त दूषित पानी छोड़ना लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विधायक ने कहा कि उन्होंने डीसी से मुख्यमंत्री के साथ बातचीत कर इस परियोजना को रुकवाने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पाइपलाइन का काम बंद नहीं करवाया तो पूरे जिले की पंचायत बुलाई जाएगी। इसके बाद जहां पाइपलाइन का काम चल रहा है,वहीं ग्रामीण धरना देकर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष क्षेत्र के लोगों, उनकी जमीन और फसलों को बचाने के लिए है। वत्स ने लुहारी, जटोली और हेलीमंडी क्षेत्र में पानी छोड़े जाने के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि झज्जर के ग्रामीणों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण इस योजना का विरोध जारी रखेंगे और पाइपलाइन का काम किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे।