लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर शनिवार को सीटू कार्यकर्ताओं ने शहर की आदर्श नगर कॉलोनी स्थित चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके पुतले का दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग उठाई। सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के संयुक्त राष्ट्रीय आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया। संगठनों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के समर्थन में यह कार्यक्रम किया। प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू की जिला कन्वीनर किरण मिश्रा ने किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू की जिला कन्वीनर किरण मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दिल्ली में छात्र-युवाओं को हिरासत में लेने और विरोध प्रदर्शन में बाधाएं डालने का आरोप लगाते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। सीटू जिला कमेटी के सदस्य मुकेश मोरखी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-19 के तहत नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए छात्र संगठनों, युवा कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए विरोध जताया। नौजवान सभा की राज्य कमेटी के सदस्य शुभम ने कहा कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में एकजुट रहने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मताधिकार की रक्षा की मांग की। इस दौरान अश्विना, सोनम सोनी, सविता, सुनीता और इनेलो कार्यकर्ता सागर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।