बादली। खरीफ फसल की बुवाई सिर पर है और क्षेत्र में डीएपी खाद की भारी किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बादली, छारा और देवरखाना स्थित प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) में डीएपी का एक भी बैग नहीं बचा है जबकि करीब 80 हज़ार एकड जमीन सरसों-गेहूं बुवाई के लिए डीएपी का इंतजार कर रही है। किसान सुबह से ही पैक्स कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसान हलपाल, विजय, रामकुमार का कहना है कि खरीफ सीजन में बुवाई के समय डीएपी की सबसे अधिक जरूरत होती है। बादली पैक्स के मैनेजर वजीर सिंह ने बताया कि मुख्यालय को चार हजार बैग डीएपी की मांग भेजी गई थी, लेकिन सितंबर माह में मात्र 500 बैग की ही खेप मिली, जो आते ही किसानों में वितरित हो गई। बादली, खेड़ी जट, एमपी माजरा, लाडपुर, सुहरा, जौंगीपुर, बामडोला, कुकड़ोला, मुनीमपुर, गुभाना, माजरी, पेलपा, सौंधी और निमाना सहित करीब 15 गांवों के किसान इसी पैक्स पर निर्भर हैं।