बहादुरगढ़। गणपति विसर्जन के दौरान एनसीआर माइनर में डूबे तीसरे युवक शिवकांत का शव करीब 43 घंटे बाद रविवार दोपहर लगभग नौ किलोमीटर दूर मातन गांव के पास बरामद हुआ। शव पानी में फूलकर सतह पर आ गया था। पुल के पास पुलिस और परिजनों ने शव को देखा। दोपहर करीब एक बजे शव मिला है। शव मिलने के बाद पुलिस और गोताखोर टीम ने राहत की सांस ली। वहीं, शव देखते ही मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू करा दी है। दरअसल, 25 सितंबर की शाम रोहद स्थित एक फैक्टरी में काम करने वाले प्रवासी युवक गणपति विसर्जन के लिए रोहद के पास एनसीआर माइनर पर पहुंचे थे। शाम करीब छह बजे विसर्जन के दौरान चार युवक पानी में डूबने लगे। इनमें से एक युवक को तुरंत बाहर निकाल लिया गया, जबकि उत्तर प्रदेश के फरुखाबाद के नांगलखुरु गांव के रहने वाले 20 वर्षीय शिवकांत, नितीश और मध्य प्रदेश निवासी अजय पानी में डूब गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सर्च अभियान शुरू कराया और गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाया गया। रात में पहले अजय और फिर नितीश के शव बरामद हो गए, लेकिन शिवकांत का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद से ही शिवकांत की तलाश लगातार जारी थी। गोताखोर माइनर में लगातार डुबकी लगाकर तलाश कर रहे थे। शनिवार दोपहर बोटिंग टीम ने भी सर्च अभियान में मोर्चा संभाला, लेकिन सफलता नहीं मिली। रविवार सुबह दोबारा तलाश शुरू की गई। इसी दौरान दोपहर करीब एक बजे घटनास्थल से करीब नौ किलोमीटर दूर मातन गांव के पास नहर में शिवकांत का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। सहकर्मियों ने प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप: हादसे के बाद मृतकों के परिजन और उनके सहकर्मी आहत हैं। सहकर्मियों ने घटना के लिए फैक्टरी प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए एसडीएम बहादुरगढ़ को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर उसके पिता विनोद व अन्य साथी अजीत, उज्जवल, मलिखान, अर्जुन, सिचन, संजय, विनोद, विपिन, उज्जवल समेत कर्मचारियों आदि ने हस्ताक्षर किए हैं और आरोप लगाया गया है कि फैक्टरी मालिक ने कंपनी में गणपति की मूर्ति स्थापित करवाई थी। कर्मचारियों का कहना है कि मूर्ति का विसर्जन मालिक या प्रबंधन को करना चाहिए था, लेकिन ऑन ड्यूटी कर्मचारियों को विसर्जन के लिए भेज दिया गया। आरोप है कि तीनों कर्मचारियों को तैरना भी नहीं आता था। इसी दौरान हादसा हुआ और तीन कर्मचारियों की डूबने से मौत हो गई। शिकायतकर्ताओं ने कंपनी मालिक, प्रबंधक और पर्यवेक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद मालिक मौके पर नहीं आया और न ही उसने संपर्क किया। रविवार सुबह आने पर कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया है। उधर, इस मामले में थाना आसौदा के कार्यवाहक प्रभारी आकाश कुमार ने बताया कि शिवकांत का शव करीब नौ किलोमीटर दूर मातन गांव के पास माइनर से बरामद हुआ है। शव का पोस्टमार्टम सोमवार को कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिजनों की ओर से एसडीएम के नाम लिखित शिकायत दी गई है, जिस पर जांच की जाएगी। थाना प्रभारी ने कहा कि फैक्टरी प्रबंधन पर जबरन नहर में उतारने के आरोप घटना के दो दिन बाद लगाए गए हैं। यदि कर्मचारियों को जबरन नहर में उतारा गया था तो इस संबंध में पहले शिकायत क्यों नहीं दी गई, इसकी भी जांच की जाएगी। जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।