नया जिला बनने के बाद हांसी में सभी विभागों के कार्यालय खोले जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज हांसी में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की नई यूनिट का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने बताया कि हांसी के जिला बनने के बाद प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देने के लिए यह महत्वपूर्ण था। विजिलेंस विभाग के महानिदेशक डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि हर जिले में दो-चार काली भेड़ें हो सकती हैं।उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़वाने में मदद करें। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है या सरकारी काम के बदले पैसे की मांग करता है, तो इसकी सूचना विजिलेंस को दें। उन्होंने कहा कि हर जिले के भ्रष्टाचारी अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है और जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा। विजिलेंस DG ने कहा कि विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। बड़ी रकम के घोटालों के साथ-साथ आम आदमी को परेशान करने वाली छोटी रिश्वतखोरी को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपियों को पकड़वाने में विजिलेंस की मदद करें, ताकि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। आपको बता दे कि नई यूनिट के खुलने से हांसी और आसपास के क्षेत्र में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की निगरानी, त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच को गति मिलने की उम्मीद है। आमजन को भी भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें दर्ज कराने और उनके निवारण के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर व्यवस्था मिलेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने कहा कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि नई यूनिट के माध्यम से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि विभाग न केवल बड़ी रकम के घोटालों, बल्कि आम नागरिकों को परेशान करने वाली छोटी रिश्वतखोरी पर भी सख्त कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सरकारी काम या फाइल को बेवजह न रोका जाए, क्योंकि फाइलों में देरी ही भ्रष्टाचार को जन्म देती है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत निलंबन, FIR और उनकी अवैध संपत्तियों पर छापेमारी जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।