शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में उक्त संगठन द्वारा आईजी कॉलेज के सामने से प्रदर्शन शुरू किया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता विक्रम सिंह ने की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह के सपनों का भारत बनाने के लिए आगे आना होगा। दोहरी शिक्षा नीति, बेरोजगारी, निजीकरण, महिला उत्पीड़न, जातीय उत्पीड़न, खराब स्वास्थ्य सेवाओं और जन-आंदोलनों के दमन के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा। वक्ताओं ने कहा कि 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह का जन्मदिवस है। वे केवल बलिदानी क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी विचारक भी थे। उन्होंने कहा था कि लक्ष्य केवल अंग्रेजी राज का खात्मा नहीं, बल्कि पूंजीवाद, सांप्रदायिकता और जातिवाद का खात्मा करना है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की कही बातें सौ फीसदी सच साबित हो रही हैं। समाज दो हिस्सों में बंट रहा है। एक हिस्सा चंद पूंजीपति हैं, दूसरा करोड़ों मेहनतकश लोग। सरकारी स्कूलों में बिना डेस्क, पीने के पानी और अध्यापकों के अभाव में पढ़ाई हो रही है, जबकि प्राइवेट स्कूलों में सभी सुविधाएं हैं। इससे गरीब छात्रों को पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है। क्या यही शहीदों के सपनों का आजाद भारत है, इस पर सोचने की जरूरत है।