हरियाणा में यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई अब तय समय सीमा में होगी। प्रदेश में 16 जून से लागू नेक्स्ट जेन ई-चालान व्यवस्था के तहत उल्लंघन के तीन दिन के भीतर वाहन मालिक को नोटिस भेजना होगा। इसके बाद 45 दिन में चालान स्वीकार करने या उसे चुनौती देने का मौका मिलेगा। इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होने पर चालान स्वत: स्वीकार माना जाएगा। शिकायत मिलने पर उसका निपटारा 30 दिन में करना होगा। हर जिले में एक नोडल और दो शिकायत निवारण अधिकारी लगाए गए हैं। पुलिस मुख्यालय पंचकूला में डीजीपी अजय सिंघल ने यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा की समीक्षा की। अधिकारियों को जाम वाले स्थानों की पहचान कर पहले से पुलिस बल लगाने, यातायात डायवर्ट करने और डिजिटल माध्यमों से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। शिकायत खारिज होने पर वाहन चालक चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा कराकर अदालत में चुनौती दे सकेगा। स्वीकार किए गए चालान का भुगतान 90 दिन में करना होगा। लंबित चालान की स्थिति में वाहन के पंजीकरण या चालक के लाइसेंस से जुड़े काम रोके जा सकते हैं। वाहन को पोर्टल पर लेन-देन के लिए प्रतिबंधित भी किया जा सकता है। बिना हेलमेट के सबसे ज्यादा कार्रवाई 2026 में अब तक बिना हेलमेट 9,75,160, ओवरस्पीडिंग के 3,67,118, लेन बदलने के 3,03,435, गलत दिशा में वाहन चलाने के 2,68,360 और शराब पीकर वाहन चलाने के 37,332 मामलों में कार्रवाई हुई है। बिना नंबर प्लेट 1,40,851 और बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के 77,413 चालान किए गए हैं। 27 स्क्रैपिंग केंद्र, पुराने वाहनों पर जोर प्रदेश में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए 27 केंद्र बनाए गए हैं। पात्र वाहन मालिकों को पुराने वाहन की स्क्रैप कीमत के अलावा कर में छूट और नया वाहन खरीदने पर नियमानुसार रियायत मिल सकती है। पुलिस को वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रति लोगों को जागरूक करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जुड़े।