हरियाणा में अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर 25 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र में न्याय रैली आयोजित की जाएगी। अतिथि अध्यापक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने कहा कि 21 वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे 10,757 अतिथि अध्यापकों को वर्ष 2014 की तीन वर्षीय नीति के तहत नियमित किया जाए। धारशूल ने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद सरकार ने अतिथि अध्यापकों को बातचीत के लिए एक बार भी नहीं बुलाया। 25 मई 2026 के न्यायालय के आदेश की भावना के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। व्यक्तिगत सुनवाई पूरी होने के बावजूद अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इससे शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप झरौली ने बताया कि नियमितीकरण की मांग को लेकर 21 अक्टूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की गई थी। 25 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र में होने वाली रैली में प्रदेशभर के अतिथि अध्यापक शामिल होंगे। रैली के बाद शिक्षक न्याय रथ के साथ पैदल मार्च करते हुए चंडीगढ़ पहुंचेंगे और राज्यपाल के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होने तक संघर्ष जारी रहेगा।