हरियाणा के विभिन्न विभागों और संस्थाओं के 504 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को पंचकूला की विशेष अदालत में 19 आरोपियों के खिलाफ तीसरी चार्जशीट दाखिल की। इनमें हरियाणा कैडर के छह आईएएस अधिकारी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तीन अधिकारी, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का एक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारी शामिल हैं। जांच के दौरान सीबीआई करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य का सोना समेत अन्य साक्ष्य जब्त कर चुकी है। एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन को नियमों को दरकिनार कर कुछ बैंक शाखाओं में स्थानांतरित किया गया और कई खातों में घुमाने के बाद नकदी में बदला गया। सीबीआई ने दावा किया कि कुल 504 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है। सीबीआई ने पहली बार आईएएस अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में 1991 बैच के विनीत गर्ग, 2000 बैच के पंकज अग्रवाल, 2002 बैच के मोहम्मद शाईन, 2005 बैच के साकेत कुमार, 2011 बैच के प्रदीप कुमार और 2012 बैच के राम कुमार सिंह के नाम हैं। सीबीआई इनमें से राम कुमार सिंह को 18 जून, पंकज अग्रवाल को 22 जून और प्रदीप कुमार को 1 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था।