साहित्य, कला और संस्कृति के संगम के रूप में रविवार को शहर के दादरी गेट स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में शब्दाक्षर हरियाणा राष्ट्रीय साहित्योत्सव का शुभारंभ हुआ। स्वामी डॉ. सदानंद महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव में देश के लगभग 25 राज्यों से कवि और साहित्यकार पहुंचे। पहले दिन साहित्यकारों का सम्मान किया गया तथा पत्रिका का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शब्दाक्षर के प्रदेश संरक्षक डॉ. मुरलीधर द्विवेदी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय गीतकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, डॉ. शिव कांत शर्मा और डॉ. अनिल गौड़ ने भी अपने विचार रखे तथा स्वामी डॉ. सदानंद महाराज के सामाजिक कार्यों की सराहना की। डॉ. मुरलीधर द्विवेदी ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है, जो लोगों को सही दिशा दिखाने और मार्गदर्शन करने का कार्य करता है। उन्होंने राष्ट्रीयता, राष्ट्रप्रेम और सकारात्मक विचारों को साहित्य की महत्वपूर्ण शक्ति बताया। डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि शब्दाक्षर महोत्सव नई पीढ़ी को अपनी भाषाई जड़ों और साहित्यिक परंपराओं से जोड़ने की प्रेरणा दे रहा है। ऐसे आयोजन साहित्यकारों, शोधार्थियों और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं। महोत्सव के आगामी दो दिनों में काव्य सम्मेलन, साहित्यिक सत्र और विभिन्न विधाओं पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।