नई अनाज मंडी में वीरवार सुबह आसमान में आफत के बादल छाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। उपायुक्त साहिल गुप्ता ने भी मंडी का दौरा कर किसानों की फसल को मौसम से बचाव का निरीक्षण किया वहीं आढ़तियों व अधिकारियों को जरूरी हिदायतें दी। हल्की बूंदाबांदी के दौरान आढ़तियों ने भी अधिकारी के दौरे को लेकर बाजरा की ढेरियों पर तिरपाल डाल दिए। हालांकि मंडी में शेड के नीचे जगह नहीं होने की वजह से किसानों को खुले आसमान के नीचे ही बाजरा की फसल डालना पड़ रहा है। मंडी में करीब 55 हजार क्विंटल बाजरा खुले में पड़ा है। कई किसानों की ढेरियां तो सड़क तक आ चुकी हैं। रोजाना ही मंडी में आठ से दस हजार क्विंटल बाजरा की आवक बनी है। किसान शमशेर, दयानंद, कर्मबीर, सुदेश का कहना है कि मंडी में तीन दिन से बाजरा लेकर पड़े हैं, मगर प्राइवेट बोली में भी 2300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक का भाव नहीं मिल रहा है। अगर बारिश में बाजरा भीगा तो फिर इसका दाम 2150 रुपये भी नहीं मिलेगा। मंडी में किसानों का बाजरा आढ़तियों की मेहरबानी पर है। जबकि 2900 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषणा करने के बावजूद भी सरकार बाजरा खरीद नहीं कर रही है। केवल 600 रुपये भावांतर भरपाई का भरोसा किसानों को मिला है।