अंबाला सिटी । गांव ब्राह्मण माजरा में एससी समाज और अन्य पक्ष के बीच हुए पुराने विवाद ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। मुकदमे में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और जांच के दौरान 9 आरोपियों के नाम निकाले जाने के विरोध में मंगलवार को ब्राह्मण माजरा के ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय के परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और माहौल गरमा गया। ग्रामीणों का कहना था कि 2 जून 2026 को एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में 15 आरोपियों को नामजद किया गया था, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय 9 आरोपियों के नाम केस से बाहर कर दिए। ग्रामीणों ने कहा कि वे इस संबंध में डीएसपी सहित उच्चाधिकारियों को पुख्ता सबूत सौंप चुके हैं, फिर भी एकतरफा ढिलाई बरती जा रही है। वहीं, विवाद के दौरान एससी समाज के कुछ लोगों पर छेड़छाड़ की धाराओं में दर्ज क्रॉस केस को पुलिस पहले ही रद्द कर चुकी है। अब ग्रामीणों की मांग है कि मुख्य मुकदमे के विपक्षी पक्ष पर सख्त कार्रवाई की जाए। एसपी कार्यालय परिसर में मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। हंगामे की स्थिति को देखते हुए डीएसपी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।