अंबाला। हरियाणा बिजली निगमों के निजीकरण और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों का आक्रोश बुधवार को सड़कों पर फूट पड़ा। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सब-डिवीजन स्तर पर प्रदर्शन किए गए। इस दौरान कर्मचारियों ने गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को पैरेलल लाइसेंस जारी करने के आदेशों की प्रतियां जलाईं। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यह पिछले दरवाजे से निजीकरण की साजिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल आज रात 10 बजे से प्रभावी हो जाएगी। यूनियनों ने कहा कि यदि सरकार ने तानाशाही नहीं छोड़ी, तो 24 अक्टूबर को बैठक कर आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जाएगा।