गुरुग्राम में जल सुरक्षा के लिए जलवायु-अनुकूल वर्षाजल प्रबंधन विषय पर सोमवार को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि गुरुग्राम को हरियाणा की ग्लोबल सिटी कहा जाता है। शहर में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए सभी विशेषज्ञों और इंजीनियरों को मिलकर काम करना होगा। सरकार का लक्ष्य अगले साल गुरुग्राम और फरीदाबाद को जलभराव से पूरी तरह निजात दिलाना है। मंत्री ने कहा कि पहले की तुलना में गुरुग्राम में काफी सुधार हुआ है और करीब 70 प्रतिशत सुधार का दावा किया गया है। अब बारिश के पानी को केवल ड्रेनेज के जरिये बाहर निकालने के बजाय पानी के संचय और भूजल रिचार्ज पर जोर दिया जाना चाहिए। सेमिनार में डेनमार्क के राजदूत एचई रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन, हिपा के निदेशक मनोज यादव, जल जीवन मिशन के पूर्व निदेशक भरतलाल और संकला फाउंडेशन के देवेंद्र कुमार ने भी अपने विचार रखे। इसका आयोजन भारत में डेनमार्क दूतावास की भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप, हिपा और संकला फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। संकला फाउंडेशन की ओर से गुरुग्राम के सभी 36 नगर निगम वार्डों में किए गए अध्ययन में सामने आया कि 68.4 प्रतिशत लोगों ने नालियों के जाम या अवरुद्ध होने की समस्या बताई।