शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 345 तक पहुंचने से हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। दीपावली के बाद पटाखों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों के कारण इसमें और बढ़ोतरी होने की आशंका है। प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रैप-3 की पाबंदियां लागू होने के बाद नगर निगम ने भी धूल नियंत्रण के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शहर के प्रमुख मार्गों, सड़कों और धूल प्रभावित क्षेत्रों में पानी के छिड़काव का अभियान तेज कर दिया गया है।